आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक Kuldeep Singh Dhaliwal ने केंद्र की मोदी सरकार पर तेल कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने देश की गरीब जनता, किसानों और मध्यम वर्ग की जेब पर करीब 6.5 लाख करोड़ रुपए का बोझ डाल दिया है।
एक बयान जारी करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने की बजाय तेल कंपनियों और अपने पूंजीपति मित्रों की तिजोरियां भरने का काम किया।
“तेल कंपनियों को पहुंचाया लाखों करोड़ का फायदा”
Kuldeep Singh Dhaliwal ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम कम थे, तब सरकार ने उसका लाभ जनता को देने के बजाय बड़ी कंपनियों को पहुंचाया। उन्होंने कहा कि Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum और ONGC जैसी कंपनियों को करीब 3.20 लाख करोड़ रुपए का फायदा दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि Reliance Industries को भी लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का लाभ पहुंचाया गया। धालीवाल के मुताबिक कुल मिलाकर 6.30 लाख करोड़ रुपए का बोझ देश की जनता पर डाला गया।
“अब फिर बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम”
धालीवाल ने कहा कि जब तेल कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा था, तब जनता को कोई राहत नहीं दी गई, लेकिन जैसे ही कंपनियों को मामूली नुकसान की आशंका होती है, केंद्र सरकार तुरंत पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ा देती है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह से तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और आने वाले दो-तीन दिनों में फिर से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी महंगे हो सकते हैं।
“धान की बुवाई से पहले किसानों पर बड़ा बोझ”
Kuldeep Singh Dhaliwal ने कहा कि 1 जून से पंजाब समेत देशभर में धान की बुवाई शुरू होने जा रही है। ऐसे समय में डीजल के दाम बढ़ाना किसानों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि किसान भीषण गर्मी में ट्रैक्टर और मशीनों के सहारे खेती करते हैं। डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ जाएगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब होगी।
“महंगाई से टूट जाएगा आम आदमी”
धालीवाल ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि माल-भाड़ा बढ़ने से रोजमर्रा की हर चीज महंगी हो जाएगी। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर, छोटे दुकानदार, रेहड़ी-फड़ी वालों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा।
उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ किसानों की लड़ाई नहीं, बल्कि देश के हर आम नागरिक की लड़ाई है।








