चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 45,000 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर गांव को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और लोगों को सुगम यातायात सुविधा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
ठेकेदारों पर सख्ती, 5 साल तक जिम्मेदारी
हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि नई नीति के तहत सड़क बनने के बाद अगले 5 वर्षों तक उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। यदि इस दौरान सड़क में कोई खराबी आती है तो ठेकेदार को ही इसे ठीक करना होगा, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
निगरानी के लिए विशेष टीमें
सड़क निर्माण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ‘मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड’ और ‘क्वालिटी कंट्रोल सेल’ का गठन किया गया है। ये टीमें समय-समय पर निरीक्षण कर रही हैं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
ईटीओ ने बताया कि पंजाब में पहली बार ‘फुल डेप्थ रेक्लेमेशन’ (FDR) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत 540 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इस तकनीक से सड़कें अधिक टिकाऊ बनती हैं और जलभराव की समस्या भी कम होती है।
मुख्यमंत्री खुद कर रहे मॉनिटरिंग
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और कई स्थानों पर जमीनी निरीक्षण भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हालिया बेमौसम बारिश से काम में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन अब कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि तय समयसीमा के भीतर सड़क परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी, जिससे पंजाब के लोगों को बेहतर और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा।







