शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस मौके पर उन्होंने एक बार फिर इन महान क्रांतिकारियों को ‘भारत रत्न’ देने की मांग उठाई और कहा कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीरों को अब तक सर्वोच्च सम्मान न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन केवल श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि शहीदों के विचारों और उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर आज़ादी के बाद देश की बागडोर युवाओं को सौंपी जाती, तो भारत आज दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होता।
🇮🇳 “अगर भगत सिंह प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर अलग होती”
अपने संबोधन में भगवंत मान ने कहा कि अगर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते, तो भारत की दिशा और दशा आज पूरी तरह अलग होती। उन्होंने युवाओं की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि आज भी दुनिया में कई देश युवा नेतृत्व के दम पर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नेपाल जैसे देश में युवा प्रधानमंत्री बन सकते हैं, तो भारत में क्यों नहीं? उनका मानना है कि युवा सोच और ऊर्जा ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
⚡ “जिन्होंने कुछ नहीं खोया, वही आज आज़ादी का दावा कर रहे”
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए केंद्र सरकार और कुछ राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज़ादी के आंदोलन में शामिल नहीं थे, वे आज दावा कर रहे हैं कि भारत को असली आज़ादी 2014 में मिली।
उन्होंने इसे शहीदों का अपमान बताते हुए कहा,
“जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए कुछ नहीं खोया, वे आज इतिहास को अपने हिसाब से बदलने की कोशिश कर रहे हैं।”
🏛️ नेताओं पर तंज: अपने नाम पर स्टेडियम, शहीदों को भूल गए
भगवंत मान ने कहा कि देश में कई नेताओं ने अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवा लिए, लेकिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों के सम्मान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि जिन वीरों ने देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया, उन्हें आज भी उचित सम्मान नहीं मिला।
✈️ मोहाली एयरपोर्ट का नाम बदलने की लड़ाई का जिक्र
मुख्यमंत्री ने इस दौरान मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए लड़ी गई लड़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मांग को लंबे समय तक नजरअंदाज किया, लेकिन पंजाब सरकार के लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार इसे संभव बनाया गया।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाएगा।
🏗️ 24.99 करोड़ का हुसैनीवाला विरासत प्रोजेक्ट
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास भी किया। यह परियोजना शहीदों की याद को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।
इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- भव्य प्रवेश द्वार
- शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी
- ऐतिहासिक भित्ति चित्र
- 3-डी मैपिंग शो
- म्यूजिकल फाउंटेन
- बच्चों के लिए खेल क्षेत्र
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए विश्राम स्थल
- सोलर पावर प्लांट और RO सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
🕊️ “आज के दौर में वोट सबसे बड़ा हथियार”
भगवंत मान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में बम और बंदूक की जरूरत नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में वोट की ताकत सबसे बड़ी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सही नेताओं का चुनाव करें और देश को सही दिशा में आगे बढ़ाएं।
📚 शहीदों को केवल तारीखों तक सीमित न रखें
मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि लोग भगत सिंह को केवल उनके जन्मदिन और शहादत दिवस पर याद करते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके विचारों को जीवन में अपनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा,
“हम परीक्षा के लिए तो उनके बारे में पढ़ते हैं, लेकिन उनके विचारों को समझने की कोशिश नहीं करते।”
🔥 इतिहास के बलिदानों को न भूलने की अपील
अपने संबोधन में उन्होंने देश के विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि आज़ादी बहुत महंगी कीमत पर मिली थी। लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग बेघर हुए।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समय में कुछ लोग इन बलिदानों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
🙏 शहीदों के रास्ते पर चलने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से शपथ लेने की अपील की कि वे शहीदों के दिखाए मार्ग पर चलेंगे और एक समृद्ध पंजाब और मजबूत भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि हुसैनीवाला की यह पवित्र भूमि हमेशा लोगों को देश सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।












