
कनाडा के ओंटारियो प्रांत से वीजा फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है। पंजाबी मूल के एक सिख युवक को नकली इमिग्रेशन वकील बनकर लोगों से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने ‘वांटेड’ घोषित कर दिया है। आरोपी की पहचान हरशरण सिंह अहलूवालिया (34) के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी खुद को ओंटारियो का रजिस्टर्ड इमिग्रेशन वकील बताकर लोगों को कनाडा में वर्क वीजा दिलाने का झांसा देता था। वह वीजा प्रोसेसिंग और लीगल फीस के नाम पर पीड़ितों से करीब 5,000 कैनेडियन डॉलर वसूलता था।
जांच में सामने आया है कि पैसे लेने के बावजूद उसने किसी भी आवेदक की ओर से सरकारी पोर्टल पर वीजा आवेदन दाखिल नहीं किया। इस तरह उसने कानूनी शब्दावली और झूठी पहचान का इस्तेमाल कर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया।
मामला सामने आने के बाद वाटरलू रीजनल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी, झूठी पहचान और अन्य आपराधिक धाराओं सहित कुल छह मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आधिकारिक वारंट (WA26025089) भी जारी किया है।
पुलिस के मुताबिक हरशरण सिंह अहलूवालिया किचनर (ओंटारियो) का रहने वाला है और उसके पास कनाडाई पासपोर्ट भी है, लेकिन वह किसी भी कानूनी संस्था में पंजीकृत वकील नहीं है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास आरोपी से जुड़ी जानकारी हो तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।








