
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद या सीमित कर दिया है। इसका सीधा असर भारत से संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। 28 फरवरी को भारतीय एयरलाइनों की करीब 410 उड़ानें रद्द हुईं, 1 मार्च को कम से कम 350 उड़ानें प्रभावित रहीं और 2 मार्च को भी 300 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका है।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एयरलाइंस ने यात्री सहायता कंट्रोल रूम के जरिए स्थिति पर नजर रखी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें।
यूरोपीय रूट सबसे ज्यादा प्रभावित
दिल्ली से लंदन, ज्यूरिख, फ्रैंकफर्ट, कोपेनहेगन, मिलान, वियना, एम्स्टर्डम, बर्मिंघम, पेरिस और मैनचेस्टर जैसे प्रमुख रूटों पर उड़ानें रद्द या री-रूट की गई हैं। कई फ्लाइट्स वैकल्पिक मार्ग से उड़ान भर रही हैं, जिससे यात्रा समय 2 से 4 घंटे तक बढ़ सकता है। कुछ उड़ानों को तकनीकी स्टॉप भी लेना पड़ रहा है।
प्रमुख एयरलाइनों का अपडेट
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Qatar Airways ने 2 मार्च तक परिचालन रद्द किया।
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Etihad Airways ने अबूधाबी से आने-जाने वाली उड़ानें स्थगित कीं।
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Emirates ने दुबई रूट पर अस्थायी रोक बढ़ाई।
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Lufthansa और British Airways ने मध्य पूर्व के कई गंतव्यों के लिए उड़ानें निलंबित कीं।
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Air India और IndiGo ने यूएई, सऊदी अरब, कतर और इजराइल रूट पर अस्थायी रोक लगाई है।
मध्य पूर्व के ईरान, इराक, कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई और इजराइल के हवाई क्षेत्र प्रभावित हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर 1600 से अधिक उड़ानें प्रभावित बताई जा रही हैं।
यात्रियों के लिए सलाह
रिफंड, रीबुकिंग या वैकल्पिक उड़ान के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।









