जालंधर के पीएपी ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में 2,577 नए जवानों को औपचारिक रूप से पंजाब पुलिस में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परेड की सलामी ली और नव-नियुक्त जवानों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को रोजाना बाहरी खतरों का सामना करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए नशा और हथियार भेजने की कोशिशें की जाती हैं। ऐसे हालात में पंजाब पुलिस सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है।
12 हजार से ज्यादा भर्तियां, रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक 12,010 से अधिक पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इनमें 1,062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल, 10,098 कांस्टेबल और 400 सिविलियन कर्मचारी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है। वर्ष 2026 में 3,400 और जवानों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम युवाओं को रोजगार देने और पुलिस बल को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
पुलिस आधुनिकीकरण पर 1100 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पुलिस को वैज्ञानिक आधार पर मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पुलिस में तकनीकी विशेषज्ञों की भर्ती की गई है। 182 सब-इंस्पेक्टर तकनीकी पृष्ठभूमि से लिए गए हैं। इनमें आईटी, फॉरेंसिक और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन में 125 कानूनी अधिकारी, 21 फॉरेंसिक विशेषज्ञ, 196 आईटी विशेषज्ञ और 77 वित्तीय विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इनका उद्देश्य साइबर अपराध, आतंकवाद और वित्तीय धोखाधड़ी पर नियंत्रण है।
पाकिस्तान समर्थित खतरों पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को पाकिस्तान समर्थित तत्वों की साजिशों का सामना करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए नशा और हथियार भेजने की कोशिशें की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस और बीएसएफ मिलकर कई सफल ऑपरेशन कर चुकी हैं। बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं।
हाल में दो पुलिस कर्मियों की शहादत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और ऐसी ताकतों को बख्शा नहीं जाएगा।
‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2025 में ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान शुरू किया गया। इसके तहत 50,238 गिरफ्तारियां की गईं और 35,133 एफआईआर दर्ज हुईं।
2,230 किलोग्राम हेरोइन, 668 किलोग्राम अफीम और 29 टन भुक्की जब्त की गई। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है।
सरकार स्कूलों और गांवों में जागरूकता अभियान चला रही है। नशा मुक्ति केंद्रों में मुफ्त परामर्श और दवाइयां दी जा रही हैं।
सड़क सुरक्षा फोर्स की भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा फोर्स बनाई गई है। यह फोर्स 146 नए वाहनों और आधुनिक उपकरणों से लैस है।
अब तक 46,399 लोगों की जान बचाई गई है। 6 मिनट 20 सेकंड के औसत समय में हादसे की जगह पर पहुंचने का दावा किया गया।
राज्य में हर 30 किलोमीटर पर इस फोर्स की तैनाती की गई है। हादसों में मौतों में 48 प्रतिशत कमी आई है।
प्रशिक्षण और अनुशासन पर जोर
नए जवानों ने महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर और अन्य प्रशिक्षण केंद्रों में ट्रेनिंग ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
उन्होंने नव-नियुक्त जवानों से कहा कि वे ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा करें। आम लोगों को न्याय दिलाना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।
शांति और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की शांति बड़ी मेहनत से हासिल की गई है। इसे किसी भी हालत में खराब नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि पुलिस बल को तकनीक और विज्ञान से मजबूत करना समय की जरूरत है। राज्य सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
समारोह में डीजीपी गौरव यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया।












