मक्खू में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के नवीनीकरण के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे किसानों के लिए बड़ा तोहफा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मालवा क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होगा।
यह नहर फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों को सिंचाई का पानी देती है। अब इसकी क्षमता बढ़ने से इन जिलों के खेतों तक ज्यादा पानी पहुंचेगा।
क्षमता में बड़ा इजाफा
इस परियोजना पर 180 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पहले नहर की क्षमता 11,192 क्यूसिक थी। अब 2,681 क्यूसिक की बढ़ोतरी के बाद यह 13,873 क्यूसिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट की गई है। चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट की गई है। पहले चरण में 15 किलोमीटर की लाइनिंग 35 दिनों में पूरी की गई।
14 ब्लॉकों को मिलेगा लाभ
इस नहर से गिद्दड़बाहा, मक्खू, ममदोट, बल्लूआना, जलालाबाद, गुरु हर सहाय, अरनीवाला, खुइयां सरवर, लंबी, मलोट, फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर सहित 14 ब्लॉकों को फायदा होगा।
करीब 6,45,200 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का पानी मिलेगा। सीमावर्ती इलाकों, खासकर फाजिल्का और जलालाबाद के किसानों को सीधा लाभ होगा।
1952 में बनी थी नहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नहर 1952 में बनी थी। लंबे समय तक इसकी क्षमता बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग का काम नहीं हुआ। खराब ढांचे के कारण खरीफ सीजन में करीब 1,000 क्यूसिक पानी की कमी हो जाती थी।
अब रेनोवेशन के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर होगी।
नहरी पानी का उपयोग बढ़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में सिंचाई के लिए केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। अब यह बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है। आने वाले समय में इसे 85 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।
सरकार ने 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 रजवाहों को दोबारा चालू किया है। 1,365 गांवों तक पहली बार नहर का पानी पहुंचा है।
पानी पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के हित सबसे ऊपर हैं और किसी दूसरे राज्य को एक बूंद भी पानी नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने पानी को लेकर ऐसे समझौते किए जिनसे पंजाब को नुकसान हुआ।
सीमावर्ती किसानों को राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों के किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं। बॉर्डर फेंस को अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब शिफ्ट करने को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। इससे हजारों एकड़ जमीन पर खेती आसान होगी।
अन्य उपलब्धियां भी गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 90 प्रतिशत से ज्यादा घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं। मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का इलाज कवर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 63,000 से ज्यादा युवाओं को बिना सिफारिश सरकारी नौकरी दी गई है।
नशे के खिलाफ अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। तस्करों की संपत्ति जब्त की जा रही है और बड़े आरोपियों पर कार्रवाई हो रही है।
उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की और कहा कि मिलकर ही पंजाब को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, मंत्री डॉ. बलजीत कौर और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां भी मौजूद रहे।









