आम आदमी पार्टी के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब ने विदेशी निवेश के मामले में बड़ी प्रगति की है। उन्होंने बताया कि राज्य ने एफडीआई रैंकिंग में 14वें स्थान से 11वें स्थान तक पहुंचकर मजबूत सुधार दिखाया है।
पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में बनी नीतियों से उद्योगों को सुरक्षित माहौल मिला है। इसी कारण देश-विदेश की कंपनियां पंजाब में निवेश कर रही हैं।
चार साल में 1.34 लाख करोड़ का निवेश
बलतेज पन्नू के अनुसार, मार्च 2022 से फरवरी 2026 तक पंजाब में कुल 1 लाख 34 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। उन्होंने कहा कि हर साल औसतन 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इससे राज्य का औद्योगिक ढांचा मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव साफ दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उद्योग लगने से रोजगार के नए मौके भी बन रहे हैं।
पिछली सरकारों पर सवाल
पन्नू ने पहले की सरकारों के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल में कुल 1 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। वहीं अकाली-भाजपा सरकार के समय पांच साल में सिर्फ 32,999 करोड़ रुपये का निवेश आया।
उनका कहना है कि पहले निवेश की रफ्तार धीमी थी, जिससे राज्य को नुकसान हुआ। अब निवेश की गति कई गुना बढ़ी है।
निवेश सम्मेलन से उम्मीद
उन्होंने बताया कि मार्च में ‘इन्वेस्ट पंजाब’ सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें कई बड़ी कंपनियां भाग लेंगी। इस सम्मेलन से नए समझौते होने की उम्मीद है।
पन्नू ने कहा कि नए उद्योग लगने से राज्य की आय बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पंजाब एक बड़ा औद्योगिक केंद्र बनेगा।
‘रंगला पंजाब’ का लक्ष्य
बलतेज पन्नू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य को फिर से खुशहाल बनाने के लिए उद्योग, व्यापार और रोजगार पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पारदर्शी नीतियों और तेज फैसलों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। आने वाले समय में पंजाब और ऊंची रैंकिंग हासिल कर सकता है।









