
महानगर के एक नामी कारोबारी से 7 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को लुधियाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह ठगी “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर की गई थी।
साइबर सेल की टीम ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी अर्पित राठौड़ को केंद्रीय जेल कपूरथला से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से एक अन्य मामले में जेल में बंद था। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
एसीपी मुराद जसवीर सिंह और इंस्पेक्टर सतवंत सिंह ने बताया कि मामला साल 2024 का है। ठगों ने कारोबारी को फोन कर कहा कि वह एक बड़े अपराध में फंसा है। उसे गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर करोड़ों रुपये मांगे गए। डर के कारण पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी उनके खातों में ट्रांसफर कर दी।
इस मामले में पुलिस पहले भी कई आरोपियों को पकड़ चुकी है। अब अर्पित राठौड़ से पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। डिजिटल सबूतों की भी जांच हो रही है।
पुलिस ने साफ कहा है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। सरकारी एजेंसियां वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करतीं। लोगों से अपील की गई है कि ऐसी कॉल आए तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।







