आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार से बौखलाकर दोनों नेता अब तथ्यों की जगह झूठ और बहानों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में करारी शिकस्त के बाद विपक्ष जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।
पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हर जिले और हर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे, जबकि कांग्रेस और अकाली दल कई जगह उम्मीदवार तक नहीं खोज पाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टियां स्थानीय निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाईं, उनके नेता मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं।
बलतेज पन्नू ने कहा कि कांग्रेस की ओर से कभी नामांकन पत्र छीने जाने, कभी फाड़े जाने और कभी रद्द किए जाने के आरोप लगाए गए। जब ये दावे टिक नहीं पाए तो राजा वड़िंग ने यह कहना शुरू कर दिया कि कांग्रेस ने 18 सीटों का बहिष्कार किया था। पन्नू ने कहा कि यह केवल अपनी राजनीतिक नाकामी छुपाने की कोशिश है। यदि कांग्रेस के पास उम्मीदवार ही नहीं थे तो इसमें ‘आप’ की क्या गलती है?
उन्होंने तरनतारन सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आम आदमी पार्टी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस चौथे स्थान पर पहुंचकर अपनी जमानत भी जब्त करा बैठी। पन्नू ने सवाल उठाया कि क्या इस शर्मनाक हार के लिए राजा वड़िंग अपनी विवादित टिप्पणियों और खासकर एससी-बीसी समुदायों को लेकर दिए गए बयानों पर आत्ममंथन करेंगे।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा कि अकाली दल की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि सैकड़ों नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए, जो पूरी तरह झूठ है। उन्होंने कहा कि नामांकन और जांच प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी होती है। यदि वास्तव में किसी के साथ अन्याय हुआ है तो अकाली दल वीडियो सबूत सामने लाए। पन्नू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कहीं ये उम्मीदवार सिर्फ कागजों में ही तो नहीं थे, या फिर किसी बीते युग की कल्पना मात्र?
पन्नू ने कहा कि सच्चाई यह है कि न कांग्रेस और न ही अकाली दल के पास जमीनी समर्थन बचा है। इसके बावजूद उनके नेता सिर्फ मीडिया सुर्खियों के सहारे राजनीति करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग नतीजों से पहले ही हाईकोर्ट पहुंच गए थे, जबकि उन्हें पता था कि पूरी मतगणना प्रक्रिया पारदर्शी और वीडियोग्राफी के तहत होती है।
आम आदमी पार्टी नेता ने कहा कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के नतीजे पिछले चार वर्षों में ‘आप’ सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर हैं। उन्होंने बताया कि जनता ने 600 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति, सड़कों के बड़े पैमाने पर विकास, 16 टोल प्लाजा बंद करने जैसे फैसलों पर भरोसा जताया है।
विपक्ष द्वारा लगाए गए अनियमितताओं के आरोपों को खारिज करते हुए पन्नू ने कहा कि ये चुनाव पिछले कई दशकों के सबसे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों में से एक रहे। प्रशासन ने किसी भी पार्टी का पक्ष नहीं लिया और जनता ने प्रचार नहीं, बल्कि काम के आधार पर वोट दिया।
अंत में पन्नू ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल 2027 में अपनी संभावित हार को भांपकर हताशा में गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। पंजाब की जनता अकाली शासन के दौरान नशा, कानूनहीनता और बेअदबी की घटनाओं को नहीं भूली है और इन दलों को पहले ही राजनीतिक हाशिये पर पहुंचा चुकी है।









