
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने आज संसद सत्र के बाद केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बीते कुछ समय से केंद्र द्वारा चंडीगढ़ की स्थिति, पंजाब यूनिवर्सिटी का केंद्रीयकरण, यूनिवर्सिटी सीनेट को खत्म करने की कवायद और चंडीगढ़ को लेफ्टिनेंट गवर्नर द्वारा शासित केंद्र शासित प्रदेश बनाने जैसी पहलें पंजाबियों के सब्र की कड़ी परीक्षा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे बेहद संवेदनशील हैं और केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब के अधिकारों को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है।
“चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी थी, है और रहेगी”—मीत हेयर
आप सांसद ने कहा कि भारत सरकार को दशकों पुराने अपने वादे को पूरा करना चाहिए कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी के रूप में स्थापित हुआ था और इसे पूर्ण रूप से पंजाब को ही सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का यह एकमात्र राज्य है जिसकी अपनी कोई स्वतंत्र राजधानी नहीं है, जबकि पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के लिए सबसे अधिक बलिदान दिए हैं।
हेयर ने यह भी याद दिलाया कि आज भी पंजाब के राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक हैं और अधिकांश प्रशासनिक अधिकारी पंजाब से ही जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों के बावजूद केंद्र सरकार चंडीगढ़ को पंजाब से और दूर करने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरसिमरत कौर बादल पर सीधा प्रहार — “चिट्टा लाने वाले नशे पर भाषण ना दें”
मीडिया द्वारा अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल के बयानों पर सवाल पूछे जाने पर मीत हेयर ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब जानता है कि ‘चिट्टा’ किसके शासनकाल में फैला और किन नेताओं के करीबी लोग नशा तस्करी की जांच में सामने आए। उन्होंने कहा कि जिनके शासन में सिंथेटिक ड्रग्स पंजाब को बर्बाद कर गए, उन्हें आज नशे पर ज्ञान देने का कोई अधिकार नहीं।
इसके साथ ही उन्होंने हरसिमरत कौर के उस बयान पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने पंजाब में BSF की शक्तियां बढ़ाने का समर्थन किया था। हेयर ने कहा कि यह पंजाबियों के अधिकारों को केंद्र को सौंपने जैसा कदम है और अकाली दल ने अपने इतिहास में कभी भी ऐसा रुख नहीं अपनाया था। “आज भाजपा को खुश करने के लिए अकाली दल अपनी ही विचारधारा से पीछे हट रहा है। यह पंजाबियों के साथ धोखा है।”
“पंजाब पुलिस किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ती”—कानून-व्यवस्था पर मीत हेयर का बयान
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए आप सांसद ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हमेशा राज्य के अंदर सक्रिय किसी भी अपराधी और असामाजिक तत्व के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश करना “कानूनी मौत” को बुलावा देने जैसा है।
उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर की जेलों या विदेशों से भी जो गैंग अपने नेटवर्क चलाने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ पंजाब सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल में है और उनके नेटवर्क को खत्म करने का काम तेजी से जारी है।
अकाली दल पर पलटवार — “उन्हें उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे”
स्थानीय निकाय चुनावों पर अकाली दल के आरोपों का जवाब देते हुए मीत हेयर ने कहा कि पंजाब के लोग अभी भी याद रखते हैं कि अकाली दल के शासनकाल में जिला परिषद और नगर चुनावों में किस तरह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके विपक्ष के नामांकन तक रोक दिए जाते थे।
उन्होंने कहा, “पूरे जिले में एक भी विरोधी उम्मीदवार न होना क्या लोकतंत्र है? यह अकाली शासन की पहचान थी।”
आज तस्वीर बिल्कुल उलट है। मीत हेयर के अनुसार, अब अकाली दल को अपने ही क्षेत्र में उम्मीदवार नहीं मिल रहे। कई गांवों में लोग उनकी टिकट लेने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि जनता उनमें विश्वास खो चुकी है। “अकाली दल का यह शोर इसी हताशा की प्रतिक्रिया है,” उन्होंने कहा।









