
पंजाब में पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को लेकर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्यभर में ऐसे खातों की पहचान की गई है जिनमें लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ। इनमें से लगभग 450 करोड़ रुपये अब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को ट्रांसफर किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन खातों में पंजाब सरकार के कई विभागों की ग्रांट्स और राशि भी शामिल है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार, यह रकम RBI द्वारा संचालित डिपोज़िटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में जमा करवाई जा रही है। दरअसल सरकारी विभाग विभिन्न प्रोजेक्ट्स की ग्रांट्स के लिए कई खाते खोलते हैं, जिन्हें 4–5 साल में खर्च करना होता है। लेकिन कई बार विभागीय बदलाव, कर्मचारियों के ट्रांसफर या जानकारी की कमी के कारण ये खाते वर्षों तक बंद पड़े रह जाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कई लोग अपने परिवारों के बैंक खातों से भी अनजान होते हैं। खाताधारक की मृत्यु या लंबे समय तक निष्क्रियता से खाते डॉर्मेंट हो जाते हैं। पंजाब में ऐसे निष्क्रिय खातों में कुल राशि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसकी जांच और आगे की प्रक्रिया जारी है।








