
पंजाब पुलिस में एक बार फिर वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। डीआईजी भुल्लर की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद अब एआईजी (AIG) रैंक के अधिकारी रशपाल सिंह को जालंधर पुलिस ने ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि रशपाल सिंह पर फर्जी केस दर्ज करवाने (झूठा पर्चा कराने) का गंभीर आरोप है।
🔹 ब्यास के पास हुई गिरफ्तारी, एसटीएफ की कार्रवाई रही बेहद गोपनीय
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई सोमवार को उस समय की गई जब रशपाल सिंह अमृतसर से जालंधर की ओर आ रहे थे।
एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम पहले से ही ब्यास के पास तैनात थी। जैसे ही उनकी गाड़ी उस इलाके में पहुंची, पुलिस ने उन्हें घेरकर हिरासत में ले लिया।
बाद में उन्हें पूछताछ के लिए जालंधर लाया गया, जहां उनके खिलाफ दर्ज फर्जी पर्चे के मामले की जांच जारी है।
🔹 फर्जी पर्चे की जांच में सामने आए ठोस सबूत
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सबूत मिले, जो यह साबित करते हैं कि एआईजी रशपाल सिंह ने एक व्यक्ति के खिलाफ झूठा केस दर्ज करवाने में भूमिका निभाई थी।
इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला लिया।
हालांकि, इस मामले में पुलिस विभाग के अंदरूनी दबाव और राजनीतिक प्रभाव की भी चर्चा जोरों पर है।
🔹 वरिष्ठ अधिकारी होने के कारण हलचल तेज
एआईजी रशपाल सिंह पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली अधिकारी माने जाते हैं।
वे कई जिलों में बतौर एसएसपी (Senior Superintendent of Police) सेवाएं दे चुके हैं और अपने प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे के भीतर हड़कंप मच गया है और कई अधिकारी अब संभावित विभागीय जांचों को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
🔹 डीआईजी भुल्लर के बाद एक और बड़ी गिरफ्तारी
हाल ही में पंजाब पुलिस के डीआईजी भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद अब रशपाल सिंह की गिरफ्तारी ने यह संकेत दे दिया है कि
राज्य सरकार और पुलिस विभाग आंतरिक भ्रष्टाचार और गलत मामलों पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
यह घटनाक्रम पुलिस विभाग की साख और जवाबदेही दोनों को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।









