
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मज़बूती देने के लिए पंजाब पुलिस की संख्या पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार करेगी। उन्होंने कहा कि यह भर्ती अभियान राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा पुलिस सशक्तिकरण अभियान होगा, जिससे न केवल पुलिस बल मजबूत होगा बल्कि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
मुख्यमंत्री ने यह बात पंजाब पुलिस के जांच अधिकारियों के लिए शुरू किए गए छह दिवसीय प्रमाणित इन्वेस्टिगेटर कोर्स के शुभारंभ अवसर पर कही। इस कोर्स में 730 अधिकारी भाग ले रहे हैं, जिन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा तस्करी से जुड़े मामलों की पेशेवर जांच के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
👮♂️ “अब पंजाब पुलिस 1 लाख की फोर्स बनेगी — मान सरकार का ऐतिहासिक कदम”
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वर्ष 2000 में पंजाब पुलिस की संख्या करीब 80,000 थी, जो आज तक लगभग समान बनी हुई है। लेकिन पिछले 25 वर्षों में अपराध और चुनौतियां कई गुना बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि “अब पंजाब पुलिस की संख्या एक लाख से ऊपर पहुंचाकर इसे नई ताकत दी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि नई भर्तियों के माध्यम से पुलिस बल में युवाओं को जोड़ा जा रहा है ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा दोनों को मज़बूती मिले।
💪 नशा तस्करों पर शिकंजा, राजनीतिक हस्तक्षेप अब पूरी तरह खत्म
भगवंत मान ने कहा कि अब कोई भी राजनीतिक दबाव या सिफारिश तस्करों को नहीं बचा सकेगी।
उन्होंने कहा कि पहले अपराधी कानूनी खामियों और सियासी हस्तक्षेप के कारण बच निकलते थे, लेकिन अब राज्य सरकार ने ऐसी हर गुंजाइश समाप्त कर दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने के बाद कानूनी प्रक्रिया में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है।
🧠 पुलिस अधिकारियों को मिलेगी नई तकनीक और कानूनी दक्षता का प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध की नई तकनीकों से निपटने के लिए जांच अधिकारियों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस कोर्स में अधिकारियों को साक्ष्य संरक्षण, केस निर्माण, कोर्ट में अभियोजन प्रक्रिया, और तस्करों की मानसिकता समझने से जुड़े विषयों पर गहराई से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में 27 बैचों के अधिकारी इस कोर्स के तहत प्रशिक्षित होंगे।
🚨 “युद्ध नशों विरुद्ध” अभियान से टूटी नशे की कमर — मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम ने पहले ही नशा माफिया की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने कहा कि अब इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत है और इसके लिए हर नागरिक को पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन के ज़रिए हो रही नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी शुरू किया गया है।
🧩 “खाली दिमाग शैतान का घर” — युवाओं को रोजगार और खेलों में जोड़ने पर जोर
भगवंत मान ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सजा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज सुधार की दिशा में भी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार, खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल कर उन्हें नशे से दूर रखने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि कैबिनेट ने हाल ही में निजी नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी और पुनर्वास केंद्रों की दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए नया कानून पास किया है।
🏅 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारी होंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और अन्य महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतरीन काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को विशेष सम्मान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई की पूरी छूट दी गई है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।









