
चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की दैनिक आधार पर निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति में राजस्व विभाग, जल संसाधन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो अमृतसर और अन्य प्रभावित जिलों में स्थायी रूप से तैनात रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि समिति के आदेशों का डिप्टी कमिश्नरों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों तक तुरंत राहत पहुंच सके।
राहत कार्यों की समीक्षा
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मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि राहत कार्यों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सहायता पहुंचाना होना चाहिए।
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मान ने बताया कि पहाड़ी राज्यों से नदियों में पानी बढ़ने से पंजाब में हालात गंभीर हैं। रावी नदी में अब तक 14.11 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है, जो 1988 की भीषण बाढ़ से कहीं अधिक है।
सेना और NDRF की तैनाती
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पांच जिलों में सेना पहले ही राहत कार्यों में लगी हुई है।
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एनडीआरएफ की 17 टीमें भी बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं।
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प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ मिलकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को गांव-गांव मेडिकल टीमें तैनात करने, पानी के नमूने लेने, दवाओं का छिड़काव करने, मलेरिया व डेंगू की जांच के लिए टेस्ट कराने और मच्छरदानी/सैनिटरी नैपकिन बांटने के निर्देश दिए।
उन्होंने जल आपूर्ति विभाग को साफ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए टैंकरों की सेवा चालू रखने के आदेश भी दिए।
राहत सामग्री और पशुपालन सेवाएं
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प्रभावित गांवों में सूखे राशन किट, आटा, चावल, घी, दूध पाउडर और चीनी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
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पशुओं के इलाज, टीकाकरण और चारे की आपूर्ति के लिए बड़ी संख्या में पशु चिकित्सा टीमें भेजी जाएंगी।
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गांवों में सफाई व फॉगिंग अभियान चलाने और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर डालने के आदेश भी जारी किए गए।
नुकसान का सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री ने मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग को पुलों, सड़कों और सरकारी इमारतों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।