
गुजरात के मोडासा में किसानों और पशुपालकों के समर्थन में आयोजित महापंचायत में ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शामिल हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने भाजपा सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात में सत्ता का अहंकार चरम पर है और गरीब किसानों को उनका हक मांगने पर लाठियों और गोलियों से कुचला जा रहा है।
महापंचायत को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की भाजपा सरकार पूरी तरह अमीरों के लिए काम कर रही है और गरीब किसानों को उनका हक देने के बजाय उन पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साबर डेयरी में बोनस की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें पशुपालक अशोक चौधरी की मौत हो गई।
केजरीवाल ने कहा कि किसानों को हर साल जून में बोनस मिलता था, लेकिन इस बार सिर्फ 9.50% मुनाफा घोषित किया गया और वह भी अब तक नहीं दिया गया। जबकि पिछले 5 साल से किसानों को 16–18% बोनस मिलता रहा है। उन्होंने सवाल किया कि किसानों का पैसा कहां गया और आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने यही पैसा चुनावी रैलियों और महलों पर खर्च किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अडानी को ठेके दिलाने के लिए विदेश जाते हैं, लेकिन गुजरात के किसानों के बोनस और पशुपालकों के हक के लिए कुछ नहीं करते। यह सरकार अमीरों की है और गरीबों को केवल लाठियां देती है।
केजरीवाल ने कहा कि जैसे 1987 में कांग्रेस ने किसानों पर गोली चलवाई और सत्ता से बाहर हो गई थी, वैसे ही भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। किसान अशोक चौधरी की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और गुजरात अब बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसानों-पशुपालकों की आवाज दबाने के लिए सरकार एफआईआर दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात में असली विपक्ष सिर्फ आम आदमी पार्टी है, क्योंकि कांग्रेस भाजपा से मिली हुई है।
मान ने कहा कि गुजरात का चमकदार मॉडल सिर्फ दिखावा है। सड़कों की हालत खराब है और सहकारी समितियों में अरबों की लूट हो रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी गुजरात की जनता के हक और न्याय की लड़ाई लड़ेगी।
दोनों नेताओं ने ऐलान किया कि गुजरात में अब बदलाव निश्चित है और ‘‘आप’’ किसानों-पशुपालकों के हक की लड़ाई जारी रखेगी।









