
नाभा जेल के सुपरिटेंडेंट को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक हाई-प्रोफाइल नशा तस्करी केस में न्यायिक आदेशों की अनदेखी को लेकर भेजा गया है।
⚖️ अदालत का सख्त रुख:
यह मामला एसटीएफ द्वारा 6000 नशीली गोलियों की बरामदगी से जुड़ा है। आरोपी गुरजीत सिंह उर्फ जीती, निवासी गांव बडाली (जिला रूपनगर), नवंबर 2021 में गिरफ्तार हुआ था। उसके पास से लूमोटिल दवा की हजारों गोलियां मिली थीं, जिनमें डाईफेनोक्सीलेट हाइड्रोक्लोराइड नामक मादक पदार्थ की पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट में हुई थी। यह मात्रा व्यावसायिक श्रेणी में आती है।
📑 कोर्ट के आदेश की अनदेखी:
अदालत ने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक ने आरोपी का धारा 313 CrPC के तहत बयान दर्ज करवा कर उसका हस्ताक्षरित प्रिंटआउट कोर्ट में जमा नहीं करवाया, जबकि इसके लिए 1 फरवरी 2025 को स्पष्ट आदेश दिए गए थे।
अदालत ने कहा कि यह कार्य न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट बाधा है। इसलिए जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया गया है कि वे 7 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हों और विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें।









