
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे बड़ा असर पर्यटन और अंतरराज्यीय आवाजाही पर पड़ा है। पंजाब से हिमाचल जाने वाले कई मार्गों को बंद कर दिया गया है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और हजारों यात्री फंस गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर ‘4 मील’ के पास लैंडस्लाइड हुआ है, जिसके चलते ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया गया है। राज्य भर में अब तक करीब 357 सड़कें बंद कर दी गई हैं। भारी बारिश के चलते सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गई हैं, जिससे भारी नुकसान हुआ है।
मंडी ज़िले में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। टिकैन सब-तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में एहतियात के तौर पर अवकाश घोषित कर दिया गया है।
⚠️ पंजाब के लिए सतर्कता: सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा
उधर, कोल डैम से पानी छोड़े जाने के कारण सतलुज नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। डैम प्रबंधन के अनुसार, जलस्तर में 4 से 5 मीटर तक वृद्धि होने की आशंका है।
डैम प्रशासन और पंजाब सरकार ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं। जलस्तर बढ़ने के कारण रोपड़ (रूपनगर), लुधियाना, हरिके-पत्तन और अन्य निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
डैम से छोड़ा गया पानी सबसे पहले पंजाब के रोपड़ जिले में प्रवेश करता है और आगे ब्यास नदी से मिलकर भारत-पाक सीमा के साथ बहते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करता है।
📌 प्रशासन की अपील:
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अनावश्यक यात्रा से बचें
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मौसम और प्रशासनिक अपडेट्स पर ध्यान दें
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नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं
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जरूरी होने पर सुरक्षित मार्ग की जानकारी लें









