
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सरकारी डॉक्टरों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है—“अगर सरकारी नौकरी करनी है तो पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करो, नहीं तो इस्तीफा दे दो।” यह चेतावनी खन्ना के सिविल अस्पताल में एक नवजात बच्ची की मौत के मामले के बाद दी गई, जिसमें ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर गायनिकोलॉजिस्ट डॉ. कविता शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है।
👉 क्या है मामला?
खन्ना सिविल अस्पताल में एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई। जांच में पता चला कि डॉ. कविता शर्मा ड्यूटी पर थीं, लेकिन बिना सूचना दिए अस्पताल से चली गईं।
इमरजेंसी में SMO ने उन्हें कई बार फोन कर बुलाया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। मजबूरन SMO को खुद ऑपरेशन करना पड़ा, जिससे मां की जान बची, लेकिन नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी।
⚡ सख्त कार्रवाई
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डॉ. कविता शर्मा सस्पेंड
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उनके खिलाफ केस दर्ज करने व लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
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स्वास्थ्य मंत्री ने खुद अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई की निगरानी की
🗣️ मंत्री बलबीर सिंह का बयान:
“अगर किसी डॉक्टर को प्राइवेट प्रैक्टिस करनी है, तो वह पहले सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे।”
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की सोच के मुताबिक, किसी भी तरह का भ्रष्टाचार — चाहे आर्थिक हो या नैतिक, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 98% डॉक्टर ईमानदारी से सेवा कर रहे हैं, लेकिन जो 1-2% लापरवाह हैं, उनके खिलाफ अब सख्त रवैया अपनाया जाएगा।









