नशे पर लगाम कसने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह हर संभव प्रयास करने में लगे हुए इसके चलते ही पंजाब पुलिस की आज जारी नई तबादला नीति के मुताबिक अब थाना प्रभारी तथा मुंशी एक थाने में अधिक से अधिक तीन साल तथा कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल पांच वर्ष तक तैनात रह सकेंगे। गौर हो कि नशे की समस्या से जूझ रही सरकार के सामने आए तथ्यों के बाद ऐसे फैसले लेने को मजबूर होना पड़ा। नशे के मामले में तस्करों तथा मौत के सौदागरों से साठगांठ सामने आई तथा अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित तक करना पड़ा। ऐसा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के निर्देश पर पुलिस के कामकाज में पारदर्शिता लाने तथा निचले रैंक के कर्मचारियों के कथित गठजोड़ को तोडऩे के लिए किया गया है। नई नीति के तहत यह भी फैसला किया गया है कि कोई भी थाना प्रभारी एस.एच.ओ अपने गृह उप मंडल में तैनात नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता के अनुसार अपराधियों तथा निचले रैंक के कर्मियों की सांठगांठ की मिली शिकायतें को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा को नई तबादला नीति बनाने को कहा था।
आवारा कुत्ते का 8 वर्षीय बच्चे पर हमला, घायल होने के बाद लोगों में दहशत
दीनानगर शहर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब लोगों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ताजा मामले में शहर के अजीत नगर इलाके में घर के बाहर खेल रहे 8 वर्षीय बच्चे पर एक आवारा कुत्ते ने हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत...









