फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नशा मुक्ति केंद्र से दवा लेने आए कुछ युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा कर दिया। आरोप है कि युवकों ने पहले अस्पताल के बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया और बाद में पूछताछ करने पर एक कर्मचारी के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर को बाथरूम में तोड़फोड़ की सूचना मिली थी। इसके बाद डॉक्टर ने ब्लड बैंक में कार्यरत दर्जा-चार कर्मचारी धर्मेंद्र को मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी लेने के लिए कहा। जब धर्मेंद्र ने युवकों से दरवाजा तोड़ने के संबंध में सवाल किया तो वे भड़क गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
कर्मचारी को गंभीर चोटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने धर्मेंद्र को धक्का देकर उसका सिर दीवार से दे मारा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक आरोपी पकड़ा गया, फिर पुलिस को चकमा देकर फरार
हंगामे के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि एक युवक को ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी ने पकड़ लिया था, लेकिन वह बाद में पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कथित तौर पर युवकों द्वारा की गई तोड़फोड़ और मारपीट की घटना साफ दिखाई दे रही है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पहले भी माहौल खराब करने के आरोप
पीड़ित कर्मचारी धर्मेंद्र ने कहा कि यदि अस्पताल के कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हंगामा करने वाले युवक नशा मुक्ति केंद्र से संबंधित दवाइयां लेने आते थे और पहले भी कई बार माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं। प्रशासन के अनुसार एक आरोपी की पहचान फुलराय क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।









